NEET पेपर लीक मामले में 2 और गिरफ्तारी, सुप्रीम कोर्ट ने एनटीए को फटकार लगाई

मुख्य बातें
- •NEET पेपर लीक मामले में 2 और आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
- •सुप्रीम कोर्ट ने एनटीए को फटकार लगाई और केंद्र और CBI को नोटिस भेजा।
- •जून को NEET UG री-एग्जाम आयोजित किया जाएगा।
- •लाख कैंडिडेट्स नीट री-एग्जाम में शामिल होंगे।
- •बिहार, पंजाब, हरियाणा समेत कई राज्यों ने सरकारी बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा देने का ऐलान किया है।
सीबीआई ने NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में 2 और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में लातूर के डॉक्टर डॉ. मनोज शिरुरे भी शामिल हैं। CBI के मुताबिक, डॉ. शिरुरे ने तीन छात्रों को केमिस्ट्री के लीक पेपर दिलाने में अहम भूमिका निभाई। इनमें एक आरोपी कोचिंग सेंटर संचालक का बेटा भी शामिल बताया गया। जांच में सामने आया कि पेपर आरोपी पी. वी. कुलकर्णी से हासिल किए गए थे। वहीं, दूसरा गिरफ्तार आरोपी तेजस हर्षदकुमार शाह है। तेजस पुणे के डॉ. अभंग प्रभु मेडिकल अकादमी (APMA) में फिजिक्स का फैकल्टी है। आरोप है कि उसने गिरफ्तार आरोपी मनीषा हवालदार से NEET-UG 2026 के लीक फिजिक्स प्रश्न हासिल किए थे।
मनीषा हवलदार को 6 दिन की CBI कस्टडी दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने मनीषा हवलदार को छह दिन की सीबीआई कस्टडी में भेज दिया है। वह 30 मई तक कस्टडी में रहेगी। जांच एजेंसी ने आरोप लगाया है कि मनीषा ने फिजिक्स का पेपर लीक किया और उसे लोगो को सर्कुलेट किया। सीबीआई ने कोर्ट से सह-आरोपियों से आमना-सामना कराने और मामले से जुड़े दूसरे लोगों की पहचान करने के लिए मनीषा की रिमांड मांगी है।






