गर्मियों में बढ़ते हीट स्ट्रोक के खतरे: जानिए कारण, लक्षण और बचाव के तरीके

मुख्य बातें
- •हीट स्ट्रोक शरीर के तापमान नियंत्रण में असमर्थ होने की गंभीर स्थिति है, जिसके कारण मस्तिष्क, गुर्दे और हृदय को नुकसान हो सकता है।
- •बच्चों, बुजुर्गों, बाहर काम करने वालों और बीमार व्यक्तियों में हीट स्ट्रोक का खतरा अधिक होता है।
- •लंबे समय तक धूप में रहना, पर्याप्त पानी न पीना, खाली पेट बाहर निकलना और भारी कपड़े पहनना हीट स्ट्रोक के जोखिम को बढ़ाते हैं।
- •हीट स्ट्रोक के लक्षण: तेज बुखार, चक्कर आना, कमजोरी, सिरदर्द, उल्टी, भ्रम, सांस लेने में कठिनाई और बेहोशी।
- •बचाव के उपाय: पर्याप्त पानी पीना, दोपहर में बाहर न निकलना, हल्के कपड़े पहनना, सिर ढकना और कमजोरी महसूस होने पर आराम करना।
देश के कई राज्यों में भीषण गर्मी का दौर जारी है, जिसके कारण मौसम विभाग द्वारा अनेक क्षेत्रों में हीटवेव अलर्ट जारी किया गया है। तेज धूप और बढ़ते तापमान के कारण शरीर पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि शरीर का तापमान संतुलित बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है, लेकिन कुछ गलत आदतें हीट स्ट्रोक जैसी जानलेवा स्थिति उत्पन्न कर सकती हैं। हीट स्ट्रोक वह स्थिति है, जिसमें शरीर खुद को सामान्य तापमान पर नहीं रख पाता। यदि समय रहते इसका उपचार न किया जाए, तो यह मस्तिष्क, गुर्दे और हृदय जैसे महत्वपूर्ण अंगों को नुकसान पहुंचा सकता है।






