गुजरात में 'भारत टैक्सी' ने उठाया सहकारिता का झंडा, सारथियों को मिल रहा मालिकाना हक और बेहतर आय

मुख्य बातें
- •फरवरी 2024 को केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह द्वारा लॉन्च हुई 'भारत टैक्सी' एक सहकारी मोबिलिटी प्लेटफॉर्म है।
- •इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से सारथियों को 100% कमाई मिलती है, जिससे उनकी आय में 25-30% की वृद्धि हुई है।
- •यात्रियों को पारदर्शी किराया संरचना के कारण 15% तक किराया बचत हो रही है।
- •गुजरात में 1 लाख और पूरे देश में 6 लाख से अधिक सारथियों के साथ 'भारत टैक्सी' तेजी से राष्ट्रीय स्तर पर विस्तार कर रही है।
गुजरात की सड़कों पर अब एक नई डिजिटल क्रांति की गूंज सुनाई दे रही है, जिसका नाम है 'भारत टैक्सी'। यह केवल एक मोबिलिटी ऐप नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 'सहकार से समृद्धि' के सपने को साकार करने वाली एक अनूठी पहल है। 5 फरवरी को केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह द्वारा लॉन्च की गई यह पहल, तकनीक और मानवीय गरिमा के संगम का दुनिया का सबसे बड़ा उदाहरण बन चुकी है। 'भारत टैक्सी' का उद्देश्य सारथियों को केवल कर्मचारी नहीं, बल्कि इस प्लेटफॉर्म के मालिक बनाना है। अमूल के प्रबंध निदेशक जयेन मेहता के अनुसार, यह एक बड़ी क्रांति है, क्योंकि इस मॉडल में राइड की 100% कमाई बिना किसी कटौती के सीधे ड्राइवरों तक पहुँचती है। आज 'भारत टैक्सी' दुनिया की सबसे बड़ी मोबिलिटी कोऑपरेटिव के रूप में उभर रही है, जो 'सहकार से समृद्धि' के विजन को वैश्विक स्तर पर एक नया बेंचमार्क दे रही है।






