ईरान-अमेरिका तनाव: होर्मुज स्ट्रेट पर पांचवें सीजफायर उल्लंघन के बाद युद्ध की आहट

मुख्य बातें
- •अमेरिका ने पिछले एक सप्ताह में होर्मुज स्ट्रेट क्षेत्र में पांच बार सीजफायर तोड़ा, जिसमें बंदर अब्बास, केश्म द्वीप और सीरिक द्वीप शामिल हैं।
- •ईरान ने अमेरिकी सैन्य अड्डे पर बैलिस्टिक मिसाइल हमला कर जवाब दिया, जिसमें अमेरिकी सैनिकों के घायल होने का दावा किया गया।
- •ट्रंप का दावा है कि ईरान की सेना तबाह हो चुकी है और वह समझौते के लिए तैयार है, जबकि ईरान इससे इनकार करता है और अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा के लिए तैयार रहने की बात कहता है।
- •ईरान ने अपने भूमिगत मिसाइल ठिकानों को पुनः सक्रिय कर लिया है, जिससे संघर्ष के बढ़ने की आशंका बढ़ गई है।
ईरान और अमेरिका के बीच तनाव पिछले एक सप्ताह में और गहराता जा रहा है। दोनों देशों के बीच युद्ध जैसा माहौल बनता जा रहा है, जिसमें होर्मुज स्ट्रेट नामक रणनीतिक जलमार्ग केंद्र में है। यह जलमार्ग दुनिया के सबसे व्यस्त समुद्री मार्गों में से एक है, जहां से तेल एवं व्यापारिक जहाजों का बड़ा आवागमन होता है। अमेरिका और ईरान दोनों ही इस क्षेत्र में अपनी ताकत दिखाने में लगे हुए हैं। पिछले सात दिनों के भीतर अमेरिका ने पांच बार सीजफायर का उल्लंघन किया है, जिसके जवाब में ईरान ने भी पूरी ताकत से जवाबी कार्रवाई की है।
अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, रविवार को अमेरिका ने ईरान के केश्म और गोरूक द्वीपों पर हमला किया। इन द्वीपों पर ईरान के रडार सिस्टम, कमांड सेंटर्स और ड्रोन लॉन्चिंग साइट्स स्थित हैं। अमेरिका ने इस हमले को आत्मरक्षा का अधिकार बताते हुए किया गया दावा किया। दूसरी ओर, ईरान ने अमेरिकी सैन्य अड्डे पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागकर जवाब दिया। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने दावा किया कि अमेरिकी सैनिकों को नुकसान पहुंचा है और कुछ सैनिक घायल हुए हैं।






