दिल्ली हाईकोर्ट ने वरुण धवन को डीपफेक और अवैध व्यापार से दिलाई बड़ी राहत, AI जनित सामग्री हटाने का दिया आदेश

मुख्य बातें
- •दिल्ली उच्च न्यायालय ने 29 मई, 2024 को वरुण धवन के व्यक्तित्व अधिकारों की रक्षा हेतु अंतरिम आदेश पारित किया।
- •न्यायालय ने AI जनित डीपफेक, उनके नाम से बिक रही अवैध सामग्री तथा सोशल मीडिया पर फैली अनुचित सामग्री को हटाने के निर्देश दिए।
- •गूगल, मेटा तथा X जैसी कंपनियों को 36 घंटे के भीतर उल्लंघनकारी सामग्री हटाने तथा उपयोगकर्ताओं की मूल ग्राहक जानकारी प्रदान करने का आदेश दिया गया।
- •वरुण धवन ने अपने नाम तथा हस्ताक्षर का ट्रेडमार्क पंजीकरण कराया हुआ है, जिसका अवैध उपयोग किया जा रहा था।
- •न्यायालय ने व्यक्तित्व अधिकारों के उल्लंघन को कानूनी अपराध घोषित करते हुए भविष्य में ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई का मार्ग प्रशस्त किया।
दिल्ली उच्च न्यायालय ने बॉलीवुड अभिनेता वरुण धवन को बड़ी राहत प्रदान करते हुए उनके व्यक्तित्व अधिकारों (पर्सनैलिटी राइट्स) की रक्षा का आदेश दिया है। 29 मई, 2024 को न्यायमूर्ति ज्योति सिंह की पीठ ने एक अंतरिम आदेश पारित करते हुए विभिन्न प्लेटफार्मों को निर्देश दिया है कि वे वरुण धवन के नाम, छवि, आवाज या उनके व्यक्तित्व के अन्य पहलुओं का किसी भी प्रकार का अवैध व्यावसायिक उपयोग रोकें। इस आदेश के माध्यम से न्यायालय ने वरुण धवन द्वारा दायर याचिका में उठाए गए मुद्दों पर एकतरफा अंतरिम रोक लगाई है, जिसमें कहा गया है कि उनके व्यक्तित्व का दुरुपयोग करने वाली AI जनित डीपफेक सामग्री और उनके नाम से बिना अनुमति के बेचे जा रहे उत्पादों को तुरंत हटाया जाए।






