बरेली: डेढ़ साल के बच्चे के अपहरण के पीछे चला था संगठित बच्चा तस्करी का जाल, पुलिस ने पकड़ा IVF केंद्रों से जुड़ा गिरोह

मुख्य बातें
- •बरेली के मनौना धाम से 24 अप्रैल को डेढ़ साल के बच्चे ऋषभ का अपहरण हुआ, जिसे पुलिस ने 48 घंटे में बरामद किया।
- •अपहरण के पीछे संगठित बच्चा तस्करी का नेटवर्क था, जिसमें डॉक्टर, नर्स, दलाल और IVF केंद्रों से जुड़े लोग शामिल थे।
- •गिरोह बच्चों का अपहरण करने के साथ-साथ IVF केंद्रों के माध्यम से भी बच्चों की खरीद-फरोख्त करता था।
- •पुलिस ने नर्स सीता, डॉ. संजय कुमार विश्वास, केशव राम उर्फ मंजेश समेत कई आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में 24 अप्रैल को हुए एक बच्चे के अपहरण ने पुलिस और समाज को हैरान कर दिया है। दरअसल, यह मामला केवल अपहरण तक सीमित नहीं था, बल्कि इसके पीछे एक संगठित बच्चा तस्करी का नेटवर्क काम कर रहा था। इस नेटर्क में डॉक्टर, नर्स, दलाल और IVF केंद्रों से जुड़े लोग शामिल थे। पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए 48 घंटे के भीतर पूरे गिरोह का पर्दाफाश कर दिया।
मामला शुरू हुआ 24 अप्रैल को जब बरेली की आंवला तहसील स्थित मनौना धाम से डेढ़ साल के ऋषभ का अपहरण कर लिया गया। अपहरणकर्ताओं ने बच्चे को दिल्ली ले जाने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने मुठभेड़ में दोनों अपहरणकर्ताओं को पकड़ लिया। बच्चे को सकुशल बरामद कर लिया गया। पुलिस ने आगे की जांच शुरू की तो चौंकाने वाले राज सामने आए। सबसे पहले योगेश और पवन नामक दो अपहरणकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया, जो बच्चों का अपहरण करने का काम करते थे। इसके बाद उत्तम बाजपेयी नामक एक दलाल पकड़ा गया, जो पूरे नेटवर्क को जोड़ने और बच्चों की सप्लाई सुनिश्चित करने का काम करता था।






