ईरान संघर्ष का असर: सूरत की टेक्सटाइल इंडस्ट्री में सिर्फ एक शिफ्ट तक सीमित हुआ काम
मुख्य बातें
- •सूरत की टेक्सटाइल इंडस्ट्री ईरान संघर्ष के कारण उत्पादन में भारी कमी का सामना कर रही है।
- •कई फैक्ट्रियों में अब सिर्फ एक शिफ्ट में काम चल रहा है, जबकि पहले दो-तीन शिफ्ट में उत्पादन होता था।
- •कच्चे माल की आपूर्ति में देरी और निर्यात आदेशों में कमी के कारण उद्योग को बड़ा आर्थिक नुकसान हो रहा है।
- •गुजरात सरकार वैकल्पिक निर्यात बाजारों की तलाश करने पर काम कर रही है, लेकिन उद्योगपति अभी भी चिंतित हैं।
सूरत, जिसे भारत की टेक्सटाइल राजधानी कहा जाता है, ईरान में चल रहे संघर्ष का सीधा असर झेल रही है। स्थानीय उद्योगपतियों और व्यापारियों के मुताबिक, पिछले कुछ हफ्तों से ईरान के साथ तनाव बढ़ने के कारण सूरत की टेक्सटाइल इंडस्ट्री में उत्पादन काफी हद तक प्रभावित हुआ है। स्थिति इतनी गंभीर है कि कई फैक्ट्रियों में अब सिर्फ एक शिफ्ट में ही काम हो रहा है, जबकि पहले दो या तीन शिफ्ट में उत्पादन चलता था।
टेक्सटाइल उद्योग के एक प्रमुख व्यापारी राहुल शाह ने बताया कि ईरान के साथ व्यापारिक संबंधों में आए व्यवधान के कारण कच्चे माल की आपूर्ति प्रभावित हुई है। उन्होंने कहा, "ईरान से आने वाला कुछ कच्चा माल जैसे पॉलिस्टर फाइबर और रसायन अब समय पर नहीं पहुंच पा रहे हैं। इससे हमारे उत्पादन पर असर पड़ा है।" उन्होंने आगे बताया कि कई फैक्ट्रियों ने अपने कर्मचारियों की छंटनी भी शुरू कर दी है, जिससे स्थानीय रोजगार पर भी संकट के बादल मंडरा रहे हैं।
इसके अलावा, निर्यातकों को भी बड़ी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। सूरत से होने वाले निर्यात में बड़ी हिस्सेदारी रखने वाले ईरान जैसे देशों में भेजे जाने वाले कपड़ों की मांग में कमी आई है। व्यापारियों का कहना है कि ईरान में राजनीतिक अस्थिरता और अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों के कारण कई आदेश रद्द हो गए हैं या विलंबित हो गए हैं। इससे न केवल उद्योग को आर्थिक नुकसान हो रहा है, बल्कि वैश्विक स्तर पर भारत की टेक्सटाइल इंडस्ट्री की प्रतिष्ठा पर भी असर पड़ रहा है।
