हमीरपुर सेतु दुर्घटना: योगी सरकार ने दो उच्चस्तरीय जांच समितियां गठित की, दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई

मुख्य बातें
- •मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हमीरपुर सेतु दुर्घटना की जांच के लिए दो उच्चस्तरीय समितियां गठित की हैं।
- •दुर्घटना में 6 श्रमिकों की मौत हुई, जिनके परिजनों को शासन और निर्माण फर्म द्वारा आर्थिक सहायता प्रदान की गई।
- •प्रभावित परिवारों को राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना, मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना सहित अन्य कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है।
- •घटना के दोषियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं के तहत अभियोग दर्ज कर लिया गया है।
- •जांच समितियां घटनास्थल का निरीक्षण और साक्ष्य संकलन कर रही हैं, दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
उत्तर प्रदेश के हमीरपुर में बेतवा नदी पर निर्माणाधीन सेतु के एक हिस्से (P-5 से P-6) के गिरने की दुर्घटना के बाद राज्य सरकार ने सख्त कदम उठाते हुए दो उच्चस्तरीय जांच समितियां गठित कर दी हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वयं इस मामले की गंभीरता को रेखांकित करते हुए कहा कि घटना के दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन और उत्तर प्रदेश सेतु निगम द्वारा अलग-अलग उच्चस्तरीय समितियों का गठन किया गया है, जिन्होंने घटना की व्यापक जांच शुरू कर दी है।
जिलाधिकारी अभिषेक गोयल ने बताया कि जिला प्रशासन द्वारा तीन सदस्यीय एक अन्य जांच समिति भी गठित की गई है, जिसका नेतृत्व अपर जिलाधिकारी (नमामि गंगे) कर रहे हैं। यह समिति घटना से संबंधित प्रशासनिक, तकनीकी एवं प्रक्रियात्मक पहलुओं की गहन जांच कर रही है। समिति के सदस्यों ने घटनास्थल का निरीक्षण शुरू कर दिया है और साक्ष्य संकलन का कार्य प्रारम्भ किया है। इसके अलावा, थाना कुरारा में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 106(1) एवं धारा 125(ए) के तहत अभियोग पंजीकृत कर लिया गया है। जांच पूरी होने के बाद मिले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर विधिक कार्रवाई तय की जाएगी।






