इंदौर के पॉश इलाके में विस्थापितों को फ्लैट आवंटन का विरोध, निवासियों ने दी उग्र आंदोलन की चेतावनी
मुख्य बातें
- •इंदौर के रेसिडेंसी एरिया में विस्थापितों को फ्लैट आवंटन का विरोध हो रहा है।
- •रहवासी संगठनों ने प्रशासन से फैसले पर पुनर्विचार करने की मांग की है।
- •विरोधियों का कहना है कि आवंटन प्रक्रिया बिना पूर्व परामर्श के की गई है।
- •प्रशासन ने आवंटन को कानूनी और पारदर्शी बताया है, लेकिन बातचीत की संभावना व्यक्त की है।
इंदौर शहर के प्रमुख पॉश इलाके, रेसिडेंसी एरिया में सरकार द्वारा विस्थापित व्यक्तियों को आवासीय फ्लैट आवंटित करने के निर्णय का तीव्र विरोध हो रहा है। स्थानीय निवासी संगठनों ने इस फैसले को तुरंत वापस लेने की मांग करते हुए उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है। सोमवार को आयोजित एक बैठक में, रहवासी कल्याण संघ के अध्यक्ष राजेश शर्मा ने कहा कि यह फैसला बिना किसी पूर्व परामर्श के लिया गया है, जिससे क्षेत्र के निवासियों में आक्रोश व्याप्त है।
विरोध करने वालों का मुख्य तर्क है कि रेसिडेंसी एरिया शहर के सबसे महंगे और प्रतिष्ठित आवासीय क्षेत्रों में से एक है, जहां संपत्ति के दाम आसमान छू रहे हैं। ऐसे में विस्थापितों को यहां फ्लैट आवंटित करने से क्षेत्र की सामाजिक संरचना और संसाधनों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका जताई जा रही है। शर्मा ने कहा, "हमारा विरोध इस बात पर नहीं है कि विस्थापितों को आवास मिले, बल्कि इस बात पर है कि यह आवंटन बिना किसी योजना और संसाधनों के किया जा रहा है।" उन्होंने आगे कहा कि यदि प्रशासन ने इस फैसले पर पुनर्विचार नहीं किया, तो वे व्यापक पैमाने पर आंदोलन करेंगे।
