स्क्रीन टाइम और हाई बीपी: जानें कैसे ज्यादा स्क्रीन देखना आपकी सेहत को प्रभावित कर सकता है

मुख्य बातें
- •ज्यादा स्क्रीन टाइम हाई बीपी के खतरे को बढ़ा सकता है।
- •लगातार बैठे रहने से शरीर के मेटाबॉलिज्म और दिल की सेहत पर बुरा असर पड़ सकता है।
- •स्क्रीन टाइम को सीमित रखने और नियमित व्यायाम करने से हाई बीपी के खतरे को कम किया जा सकता है।
- •पर्याप्त नींद लेना और संतुलित डाइट खाना भी महत्वपूर्ण है।
- •समय-समय पर ब्लड प्रेशर की जांच कराना भी फायदेमंद हो सकता है।
आज के समय में मोबाइल, लैपटॉप और टीवी का इस्तेमाल लोगों की दिनचर्या का बड़ा हिस्सा बन चुका है। काम, पढ़ाई और मनोरंजन के कारण कई लोग घंटों स्क्रीन के सामने बिताते हैं। हालांकि लगातार लंबे समय तक स्क्रीन देखने की आदत सेहत पर असर डाल सकती है। हाल ही में नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन में प्रकाशित एक स्टडी में दावा किया गया है कि 6 घंटे से ज्यादा स्क्रीन टाइम हाई ब्लड प्रेशर के खतरे को बढ़ा सकता है।
आजकल कई लोग दिनभर स्क्रीन से जुड़े रहते हैं, जिससे शारीरिक एक्टिविटी कम हो जाती है। लगातार बैठे रहने की आदत शरीर के मेटाबॉलिज्म और दिल की सेहत को प्रभावित कर सकती है। इसके अलावा देर रात तक स्क्रीन देखने से नींद की गुणवत्ता पर भी असर पड़ सकता है। स्टडी में स्क्रीन टाइम और हाई ब्लड प्रेशर के बीच संबंध को समझने की कोशिश की गई। रिसर्च में पाया गया कि लंबे समय तक स्क्रीन के सामने रहने वाले लोगों में हाई बीपी का खतरा ज्यादा देखा गया। खासकर 6 घंटे से अधिक स्क्रीन टाइम वाले लोगों में यह जोखिम बढ़ सकता है।




