आईटीआर फाइल करते समय इन 10 गलतियों से बचें, वरना हो सकती है टैक्स नोटिस और पेनल्टी

मुख्य बातें
- •आईटीआर फाइल करने से पहले फॉर्म 26AS, AIS और प्री-फिल्ड डेटा का मिलान अवश्य करें।
- •सही आईटीआर फॉर्म का चयन न करने पर रिटर्न 'डिफेक्टिव' माना जा सकता है और नोटिस मिल सकता है।
- •सभी प्रकार की आय (सैलरी, ब्याज, किराया, विदेशी आय) की सही रिपोर्टिंग आवश्यक है।
- •गलत डिडक्शन क्लेम करने या सही डिडक्शन न लेने से टैक्स देनदारी प्रभावित हो सकती है।
- •विदेशी आय और संपत्ति की जानकारी छिपाने पर आयकर विभाग भारी पेनल्टी लगा सकता है।
वित्त वर्ष 2025-26 के लिए इनकम टैक्स रिटर्न (आईटीआर) फाइल करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। ऐसे में टैक्सपेयर्स को अपनी रिटर्न फाइल करते समय अतिरिक्त सावधानी बरतने की आवश्यकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, छोटी-छोटी गलतियां भी टैक्स नोटिस, रिफंड में देरी, अधिक टैक्स देनदारी और भारी पेनल्टी का कारण बन सकती हैं। आईटीआर फाइल करने से पहले फॉर्म 26AS, एनुअल इनफॉर्मेशन स्टेटमेंट (AIS) और प्री-फिल्ड डेटा का मिलान करना अत्यंत आवश्यक है। इससे गलतियों की संभावना काफी हद तक कम हो जाती है।
पहली बड़ी गलती है गलत आईटीआर फॉर्म का चुनाव करना। आयकर विभाग द्वारा विभिन्न प्रकार के आईटीआर फॉर्म उपलब्ध कराए गए हैं, जैसे आईटीआर-1, आईटीआर-2, आईटीआर-3 आदि। टैक्सपेयर्स को अपनी आय के अनुसार सही फॉर्म का चयन करना चाहिए। गलत फॉर्म चुनने से रिटर्न 'डिफेक्टिव' माना जा सकता है, जिससे प्रक्रिया में देरी हो सकती है और आयकर विभाग की ओर से नोटिस भी मिल सकता है।






