कानपुर: न्यूनतम वेतन की मांग को लेकर श्रमिकों ने किया सड़क जाम, व्यवस्था हुई बाधित
मुख्य बातें
- •कानपुर के दादानगर इंडस्ट्रियल एरिया में श्रमिकों ने न्यूनतम वेतन की मांग को लेकर सड़क जाम किया।
- •श्रमिकों का आरोप है कि उन्हें मिलने वाला वेतन राज्य सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम मजदूरी 18,000 रुपये से काफी कम है।
- •प्रदर्शन के दौरान सड़क पर टायर जलाए गए और नारेबाजी की गई, जिससे ट्रैफिक बाधित हुआ।
- •पुलिस ने स्थिति को नियंत्रण में लिया और श्रमिकों को समझाने का प्रयास किया।
- •प्रशासन ने शीघ्र ही श्रमिकों की मांगों पर विचार करने के लिए बैठक आयोजित करने का आश्वासन दिया।
उत्तर प्रदेश के कानपुर में शुक्रवार को एक बार फिर श्रमिकों द्वारा न्यूनतम वेतन की मांग को लेकर व्यापक प्रदर्शन किया गया। इस दौरान दादानगर इंडस्ट्रियल एरिया में सैकड़ों श्रमिकों ने सड़क पर उतरकर अपना विरोध दर्ज कराया, जिससे ट्रैफिक पूरी तरह से बाधित हो गया। स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने स्थिति को नियंत्रण में लेने के लिए त्वरित कदम उठाए।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, प्रदर्शनकारी मुख्य रूप से निर्माण श्रमिक, फैक्ट्री कर्मचारी और असंगठित क्षेत्र के मजदूर थे। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें मिलने वाला वेतन न्यूनतम मजदूरी कानून के तहत निर्धारित मानकों से काफी कम है। श्रमिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने बताया कि कानपुर में औद्योगिक क्षेत्रों में काम करने वाले अधिकांश श्रमिकों को 10,000 रुपये से भी कम मासिक वेतन मिलता है, जबकि राज्य सरकार द्वारा न्यूनतम मजदूरी 18,000 रुपये प्रति माह निर्धारित की गई है। यह अंतर ही उनके आक्रोश का प्रमुख कारण बना।
