कानपुर: गृह सर्वेक्षण में प्रगणकों को मिल रही चुनौती, सटीक पता न होने से हो रही देरी
मुख्य बातें
- •कानपुर में चल रहा गृह सर्वेक्षण प्रगणकों के लिए चुनौतीपूर्ण बन रहा है।
- •घरों और गलियों के सही पता न होने से सर्वेक्षण कार्य में देरी हो रही है।
- •पुराने और घनी आबादी वाले इलाकों में यह समस्या ज्यादा देखने को मिल रही है।
- •नगर निगम अधिकारियों द्वारा घरों और गलियों के नामकरण और नंबरिंग में सुधार पर विचार किया जा रहा है।
कानपुर, उत्तर प्रदेश – कानपुर नगर में चल रहे गृह सर्वेक्षण (हाउसहोल्ड सर्वे) के दौरान प्रगणकों को घरों और गलियों का सही पता नहीं मिल पाने की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। इससे सर्वेक्षण का काम प्रभावित हो रहा है और अधिकारियों को इस मामले पर गंभीरता से विचार करना पड़ रहा है।
स्थानीय निवासी और प्रगणकों से मिली जानकारी के अनुसार, कई इलाकों में घरों और गलियों के नाम या नंबर स्पष्ट रूप से नहीं लिखे होने के कारण प्रगणकों को सही स्थान ढूंढने में काफी मुश्किल हो रही है। खासकर पुराने और घनी आबादी वाले इलाकों जैसे नागर महल, गोविंदनगर, और काकोरी में यह समस्या ज्यादा देखने को मिल रही है। एक प्रगणक ने बताया कि उन्हें कई बार आधे दिन तक एक ही जगह पर भटकना पड़ता है, जिससे उनका समय और ऊर्जा दोनों बर्बाद हो रही है।
अधिकारियों का कहना है कि वे इस समस्या को जल्द से जल्द हल करने के लिए प्रयास कर रहे हैं। नगर निगम के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि वे स्थानीय वार्ड सदस्यों और निवासियों के साथ मिलकर घरों और गलियों के नामकरण और नंबरिंग में सुधार करने पर विचार कर रहे हैं। इसके अलावा, डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग करके घरों की लोकेशन को आसानी से ट्रेस करने के लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं।
