भारत में कीवी का गढ़: अरुणाचल प्रदेश में कैसे उगाई जाती है यह स्वादिष्ट फ्रूट

मुख्य बातें
- •भारत में कीवी का गढ़ अरुणाचल प्रदेश है।
- •अरुणाचल प्रदेश में कीवी की खेती के लिए जलवायु और मिट्टी की विशेषता का फायदा उठाया जाता है।
- •कीवी की खेती अरुणाचल प्रदेश में पहाड़ी इलाकों में की जाती है।
- •कीवी पोषक तत्वों से भरपूर होती है, जो शरीर को अंदर से मजबूत बनाने में मदद करते हैं।
- •कीवी इम्यूनिटी बढ़ाने, पेट की समस्याओं से कम करने और हार्ट को हेल्दी बनाने में सबसे ज्यादा फायदेमंद मानी जाती है।
भारत में कीवी का गढ़ अरुणाचल प्रदेश है, जहां इसे पारंपरिक तरीके से उगाया जाता है। यहां के किसान कीवी की खेती के लिए जलवायु और मिट्टी की विशेषता का फायदा उठाते हैं। अरुणाचल प्रदेश में कीवी की खेती के लिए सबसे उपयुक्त जलवायु है, जो इसे देश के अन्य हिस्सों से अलग बनाती है।
कीवी की खेती अरुणाचल प्रदेश में पहाड़ी इलाकों में की जाती है, जहां किसान सबसे पहले अच्छी जल निकासी वाली मिट्टी का चुनते हैं। इसके बाद पौधों को लकड़ी और तार के सहारे बेल की तरह ऊपर बढ़ाया जाता है, ताकि उन्हें पर्याप्त धूप और हवा मिल सके। कीवी की खेती में नियमित सिंचाई, जैविक खाद और समय-समय पर छंटाई का खास ध्यान रखा जाता है। इसके बाद ही निकलती है अच्छी क्वालिटी की कीवी।
कीवी पोषक तत्वों से भरपूर होती है, जो शरीर को अंदर से मजबूत बनाने में मदद करते हैं। इसमें फाइबर, पोटैशियम, फोलेट और कई तरह के एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं। 100 ग्राम कीवी में लगभग 60 से 65 कैलोरी, 3 ग्राम फाइबर और भरपूर मात्रा में विटामिन सी मौजूद होता है। यही वजह है कि इसे इम्यूनिटी बढ़ाने वाला सुपरफूड भी कहा जाता है। इसमें एक्टिनिडिन नाम का एंजाइम भी होता है, जो भोजन को पचाने के प्रोसेस को बेहतर बनाता है।






