मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन: तीसरी पहाड़ी सुरंग की सफल खुदाई, परियोजना को मिला बड़ा धक्का
मुख्य बातें
- •मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना के तहत महाराष्ट्र के पालघर जिले में तीसरी पहाड़ी सुरंग की खुदाई पूरी हुई।
- •सुरंग की लंबाई 417 मीटर और चौड़ाई 14.4 मीटर, दोनों दिशाओं में ट्रेनों के लिए डिजाइन।
- •निर्माण में नियंत्रित ड्रिलिंग, ब्लास्टिंग और आधुनिक मॉनिटरिंग तकनीकों का उपयोग।
- •पिछले पांच महीनों में महाराष्ट्र में तीन पहाड़ी सुरंगों का निर्माण पूरा, कुल आठ सुरंगों में से सात महाराष्ट्र और एक गुजरात में।
- •अगले वर्ष 15 अगस्त तक बुलेट ट्रेन संचालन शुरू करने की तैयारी, 508 किलोमीटर लंबे रूट पर 320-350 किमी/घंटे की रफ्तार।
मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना को एक और बड़ी सफलता मिली है। राष्ट्रीय उच्च गति रेल निगम लिमिटेड (NHSRCL) ने महाराष्ट्र के पालघर जिले में स्थित तीसरी पहाड़ी सुरंग की खुदाई पूरी कर ली है। यह सुरंग दहानू तहसील के अंबेसरी गांव में बनाई गई है। इस सफलता से परियोजना के निर्माण कार्य को और गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। इस सुरंग की लंबाई 417 मीटर और चौड़ाई 14.4 मीटर है। इसे बुलेट ट्रेन कॉरिडोर की दोनों दिशाओं में चलने वाली ट्रेनों के लिए डिजाइन किया गया है।
इस सुरंग की खुदाई दोनों ओर से नियंत्रित ड्रिलिंग और ब्लास्टिंग तकनीक के माध्यम से की गई। निर्माण के दौरान सुरक्षा और गुणवत्ता पर विशेष ध्यान रखा गया। सुरंग की मजबूती और आसपास के क्षेत्रों पर पड़ने वाले प्रभाव की निरंतर निगरानी के लिए आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया गया। इसके लिए एडवांस मॉनिटरिंग सिस्टम और जियोटेक्निकल उपकरण लगाए गए थे। सुरंग निर्माण के दौरान कंपन, जमीन की स्थिति और आसपास की इमारतों पर नजर रखने के लिए रियल-टाइम मॉनिटरिंग सिस्टम का उपयोग किया गया। इसमें सरफेस सेटलमेंट पॉइंट्स (SSP), 3D टारगेट, स्ट्रेन गेज और सीस्मोग्राफ जैसे उपकरण शामिल थे।



