ज्येष्ठ अधिकमास शुक्ल पक्ष की पद्मिनी एकादशी आज, जानिए पूजा विधि, महत्व और विशेष उपाय

मुख्य बातें
- •ज्येष्ठ अधिकमास शुक्ल पक्ष की पद्मिनी एकादशी 2026 आज है, जो तीन साल में एक बार आती है।
- •इस दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा, व्रत तथा विशेष उपाय करने से धन-समृद्धि और मोक्ष की प्राप्ति होती है।
- •पद्मिनी एकादशी की रात नौ बत्तियों वाले दीपक के साथ 108 बार मंत्र जाप करने का विधान है।
- •शाम को तुलसी के पास दीपक जलाकर 11 या 21 बार परिक्रमा करने से सुख-समृद्धि बढ़ती है।
- •इस व्रत से आर्थिक संकट, मानसिक तनाव और पारिवारिक परेशानियां दूर होती हैं।
आज ज्येष्ठ माह के अधिकमास की शुक्ल पक्ष की पद्मिनी एकादशी है। यह पर्व तीन वर्षों में केवल एक बार ही आता है, जिसके कारण इसका धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व अत्यधिक बढ़ जाता है। इस दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की विधि-विधान से पूजा करने तथा व्रत रखने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पद्मिनी एकादशी का व्रत रखने से जीवन में सुख-समृद्धि का आगमन होता है तथा घर धन-धान्य से परिपूर्ण रहता है। साथ ही, इससे आर्थिक संकट, मानसिक तनाव और पारिवारिक परेशानियों का भी निवारण होता है।
पद्मिनी एकादशी का संबंध अधिकमास से है, जिसके कारण इसे पुरुषोत्तमी एकादशी और कमला एकादशी के नाम से भी जाना जाता है। अधिकमास में आने वाली इस एकादशी को विशेष महत्व दिया जाता है। पद्म पुराण के अनुसार, इस व्रत को करने से बड़े से बड़े पापों का नाश होता है तथा मृत्यु के पश्चात मोक्ष की प्राप्ति होती है। इसके अतिरिक्त, विधिवत पूजा, दान और उपवास करने से अश्वमेध यज्ञ के समान पुण्य प्राप्त होता है।






