पीएम मोदी के आह्वान पर जल संचय की मुहिम: एक साल में बने 1.55 करोड़ संरचनाएं

मुख्य बातें
- •प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'जल संचय जन भागीदारी' अभियान के तहत 1 साल में 1.55 करोड़ जल संचय संरचनाएं निर्मित की गईं।
- •केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने बताया कि निर्धारित लक्ष्य 1 करोड़ था, लेकिन उससे 55 लाख अधिक संरचनाएं बनाई गईं।
- •अभियान के तहत तालाब, कुएं, चेक डैम और अन्य जल संग्रहण संरचनाओं का निर्माण किया गया, जिससे जल संरक्षण को बढ़ावा मिला।
- •देश के लगभग सभी राज्यों में इस मुहिम के माध्यम से जल संचय संरचनाओं का निर्माण किया गया, जिसमें राजस्थान, महाराष्ट्र, गुजरात, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश प्रमुख हैं।
नई दिल्ली, [तारीख] – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जल संरक्षण के आह्वान पर देशभर में जनभागीदारी से चलाए जा रहे 'जल संचय जन भागीदारी' अभियान को बड़ी सफलता मिली है। केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने गुरुवार को बताया कि अभियान के तहत निर्धारित लक्ष्य से कहीं अधिक जल संचय संरचनाएं निर्मित की गई हैं। उन्होंने बताया कि 31 मई तक 1 करोड़ संरचनाओं के निर्माण का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन देशवासियों के उत्साह और सहयोग से यह संख्या बढ़कर 1.55 करोड़ तक पहुंच गई है।
इस अभियान की शुरुआत प्रधानमंत्री मोदी ने वर्ष 2023 में की थी, जिसमें आम जनता से लेकर सरकारी एजेंसियों तक को शामिल किया गया था। इसका मुख्य उद्देश्य जल संरक्षण के पारंपरिक तरीकों को पुनर्जीवित करना और भूजल स्तर को बनाए रखना था। मंत्री पाटिल ने बताया कि इस मुहिम के तहत तालाब, कुएं, चेक डैम और अन्य जल संग्रहण संरचनाओं का निर्माण किया गया है। उन्होंने कहा कि इस प्रयास से न केवल जल संरक्षण को बढ़ावा मिला है, बल्कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में जल उपलब्धता में भी सुधार हुआ है।






