पश्चिम बंगाल के लोगों ने सीएए-एनआरसी विरोधी आंदोलन को किया समर्थन: अमित शाह
मुख्य बातें
- •अमित शाह ने पश्चिम बंगाल में सीएए-एनआरसी विरोध के समर्थन का किया दावा।
- •शाह ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने लोगों में डर पैदा कर कानूनों को लागू नहीं होने दिया।
- •पश्चिम बंगाल सरकार ने अमित शाह के आरोपों को किया खंडन।
- •विपक्षी दलों ने शाह के बयान का किया स्वागत, जबकि तृणमूल कांग्रेस ने बताया भाजपा की साजिश।
- •विशेषज्ञों का मानना है कि यह मुद्दा आगामी चुनावों में प्रमुख भूमिका निभा सकता है।
नई दिल्ली, 10 जुलाई 2024: केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने मंगलवार को एक बड़ा दावा किया है कि पश्चिम बंगाल के लोगों ने नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) के खिलाफ चल रहे आंदोलन का समर्थन किया है। शाह ने कहा कि राज्य में व्यापक जनाक्रोश को देखते हुए केंद्र सरकार को इन कानूनों को लागू करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार के खिलाफ लोगों का गुस्सा बढ़ रहा है, जिसके कारण सीएए-एनआरसी जैसे महत्वपूर्ण कानूनों को लागू करना मुश्किल हो गया है।
अमित शाह ने एक सार्वजनिक सभा को संबोधित करते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की सरकार ने राज्य में सीएए-एनआरसी जैसे कानूनों को लागू नहीं होने दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने लोगों के बीच डर पैदा किया और उन्हें इन कानूनों के खिलाफ भड़काया। शाह ने कहा कि केंद्र सरकार इन कानूनों को लागू करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है और जल्द ही इसे राज्य में लागू किया जाएगा।
