पंजाब के सरकारी स्कूलों ने पूरी की शिक्षा क्रांति: नीति आयोग की रिपोर्ट में देश में पहला स्थान

मुख्य बातें
- •पंजाब सरकारी स्कूलों में शिक्षा गुणवत्ता में देश में पहले स्थान पर पहुंचा, नीति आयोग की 2026 रिपोर्ट के अनुसार
- •तीसरी कक्षा में पंजाब के बच्चों ने भाषा में 82% दक्षता हासिल की, गणित में 78% और नौवीं कक्षा में गणित में 52% प्रदर्शन
- •% सरकारी स्कूलों में बिजली, 99% में चालू कंप्यूटर, 80.1% में स्मार्ट क्लासरूम और 88.9% में इंटरनेट सुविधा
- •अत्याधुनिक 'स्कूल ऑफ एमिनेंस' स्थापित, 13 हजार नए शिक्षकों की भर्ती, 3 लाख बच्चों के लिए अंग्रेजी सुधार कार्यक्रम
- •छात्रों ने जेईई मेन और 1284 ने नीट जैसी राष्ट्रीय परीक्षाएं पास कीं, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में शिक्षा को प्राथमिकता
एक समय था जब पंजाब के सरकारी स्कूलों की हालत इतनी खराब थी कि उन्हें देश के सबसे पिछड़े राज्यों में गिना जाता था। वर्ष 2016-17 में पंजाब शिक्षा के क्षेत्र में 22वें स्थान पर था, जो 2018-19 में गिरकर 26वें और 2020 में 27वें स्थान पर पहुंच गया था। इस दौरान लाखों माता-पिता के मन में यही सवाल उठता था कि उनके बच्चों का भविष्य कैसे सुधरेगा। संसाधनों की कमी, कमजोर बुनियादी ढांचा और सीमित अवसरों के बीच सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चे अपने सपनों को बचाने की कोशिश कर रहे थे। लेकिन वर्ष 2022 में पंजाब की जनता ने बदलाव का निर्णय लिया और आम आदमी पार्टी की सरकार को सत्ता सौंपी। आज, सिर्फ चार वर्षों के भीतर, पंजाब ने ऐसा कारनामा कर दिखाया है जिसे पहले मुश्किल माना जाता था।






