टाटा संस बोर्ड में फिर उठा चंद्रशेखरन की नियुक्ति का मुद्दा; जानिए क्या हैं अड़चनें और अगली बैठक का एजेंडा

मुख्य बातें
- •टाटा संस बोर्ड ने 26 मई की बैठक में चंद्रशेखरन की तीसरी बार नियुक्ति पर फैसला टाल दिया।
- •नोएल टाटा ने कहा कि कई अहम मुद्दे अभी भी अनसुलझे हैं, जिन पर और चर्चा की जरूरत है।
- •एयर इंडिया और बिगबास्केट जैसे यूनिट्स के प्रदर्शन और गवर्नेंस संबंधी मामलों पर उठ रहे सवालों ने जोर पकड़ा।
- •टाटा ट्रस्ट्स के पास टाटा संस की 66 प्रतिशत हिस्सेदारी है, जबकि एसपी ग्रुप के पास 18 प्रतिशत हिस्सेदारी।
टाटा समूह में पिछले कुछ महीनों से नेतृत्व और रणनीतिक बदलावों को लेकर हलचल जारी है। बीते 26 मई को हुई टाटा संस की विशेष बोर्ड बैठक में चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन की तीसरी बार नियुक्ति का मुद्दा उठा, लेकिन इसे टाल दिया गया। बोर्ड के सदस्यों ने अनौपचारिक रूप से पूछा था कि क्या चंद्रशेखरन को तीसरे कार्यकाल के लिए नियुक्त किया जा सकता है। इस पर टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन नोएल टाटा ने स्पष्ट किया कि अभी यह फैसला लेने में जल्दबाजी होगी। उन्होंने कहा कि कई प्रमुख मुद्दे अभी भी अनसुलझे हैं, जिन पर और चर्चा की आवश्यकता है। इससे चंद्रशेखरन और टाटा ट्रस्ट्स के बीच गतिरोध की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।
नोएल टाटा ने बोर्ड से कहा कि चंद्रशेखरन से टाटा समूह के पांच साल के रणनीतिक रोडमैप, शापूरजी पल्लोनजी (एसपी) ग्रुप को बाहर निकालने के विकल्प के लिए एक ऐसे फ्रेमवर्क की मांग की गई है, जिससे टाटा संस को सार्वजनिक प्रकटीकरण नहीं करना पड़े। इसके अलावा, लिस्टिंग से जुड़े लंबे समय से चले आ रहे विवादित मुद्दे पर भी औपचारिक स्थिति स्पष्ट करने की आवश्यकता बताई गई। इन मुद्दों के अलावा, टाटा ट्रस्ट्स और होल्डिंग कंपनी में गवर्नेंस संबंधी मामलों पर उठ रहे सवालों ने भी जोर पकड़ा है। एयर इंडिया और बिगबास्केट जैसी यूनिट्स के प्रदर्शन पर भी चिंता जताई गई है।






