उमर खालिद को दिल्ली हाईकोर्ट ने अंतरिम जमानत दी
मुख्य बातें
- •उमर खालिद को दिल्ली हाईकोर्ट ने अंतरिम जमानत दी है। - उमर खालिद के खिलाफ 2020 दिल्ली हिंसा मामले में यूएपीए अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। - उमर खालिद को 14 सितंबर 2020 को गिरफ्तार किया गया और उन्हें न्यायिक हिरासत में रखा गया था। - हाईकोर्ट ने उमर खालिद को जमानत देते हुए उन्हें कुछ शर्तों का पालन करने को कहा है। - उमर खालिद के खिलाफ दर्ज मामला अभी भी विचाराधीन है।
दिल्ली हाईकोर्ट ने प्रमुख सामाजिक कार्यकर्ता उमर खालिद को अंतरिम जमानत दी है। 2020 में दिल्ली में हुए हिंसा के मामले में उमर खालिद के खिलाफ केंद्र सरकार ने मामला दर्ज किया था। इस मामले में दिल्ली पुलिस ने उमर खालिद के खिलाफ यूएपीए (गैरकानूनी गतिविधियों रोकथाम अधिनियम) के तहत मामला दर्ज किया था। उमर खालिद को 14 सितंबर 2020 को गिरफ्तार किया गया था और उन्हें न्यायिक हिरासत में रखा गया था। बाद में पुलिस ने मई 2022 में उमर खालिद के खिलाफ पूरक आरोप पत्र दाखिल किया, जिसमें उन पर दिल्ली दंगों के पीछे बड़ी साजिश में शामिल होने का आरोप लगाया गया था। उमर खालिद के खिलाफ दर्ज मामले में मुख्य आरोप यह है कि उन्होंने 23 से 26 फरवरी 2020 तक दिल्ली में हुए हिंसा की योजना बनाई और उसे बढ़ावा दिया। इस मामले में उमर खालिद के खिलाफ यूएपीए सहित अन्य अधिनियमों के तहत मामला दर्ज किया गया है। उमर खालिद को गिरफ्तार करने के बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में रखा गया था। विशेष अदालत ने 2021 में उनकी पहली जमानत याचिका को भी खारिज कर दिया था। दिल्ली हाईकोर्ट ने उमर खालिद को अंतरिम जमानत देते हुए कहा कि उन्हें कुछ शर्तों का पालन करना होगा। उन्हें अपना पासपोर्ट जमा करना होगा, हर हफ्ते कोर्ट में हाजिरी लगानी होगी और जमानत बांड भरना होगा। इन शर्तों के साथ उमर खालिद को जमानत दी गई है। उमर खालिद को अंतरिम जमानत मिलने से उन्हें राहत मिली है। हालांकि, यह मामला अभी भी विचाराधीन है, इसलिए अंतिम फैसला अभी तक नहीं आया है। उमर खालिद के खिलाफ दर्ज मामले में साक्ष्यों को मजबूत या कमजोर करने से मामले का अंतिम निर्णय होगा।
