यूपी में व्यावसायिक वाहनों के लिए अब अनिवार्य हुआ जीपीएस ट्रैकिंग डिवाइस, जानें क्या है नियम और कैसे होगा लाभ

मुख्य बातें
- •उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में व्यावसायिक वाहनों के लिए जीपीएस ट्रैकिंग डिवाइस और पैनिक बटन अनिवार्य कर दिया गया है।
- •बिना इस डिवाइस के वाहनों को फिटनेस सर्टिफिकेट और परमिट जारी नहीं किया जाएगा।
- •जीपीएस ट्रैकिंग से वाहनों की लाइव लोकेशन पर नजर रखी जा सकेगी और आपात स्थितियों में त्वरित कार्रवाई संभव होगी।
- •पैनिक बटन से ड्राइवरों की सुरक्षा बढ़ाने और अपराधों पर नियंत्रण रखा जा सकेगा।
- •सरकार का लक्ष्य इसे जल्द ही राज्य भर में लागू करने का है।
उत्तर प्रदेश सरकार ने व्यावसायिक वाहनों की सुरक्षा और बेहतर निगरानी के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। आजमगढ़ जिले में अब सभी कमर्शियल गाड़ियों के लिए जीपीएस ट्रैकिंग डिवाइस और पैनिक बटन लगाना अनिवार्य कर दिया गया है। इस नियम के तहत, बिना इस डिवाइस के किसी भी व्यावसायिक वाहन को फिटनेस सर्टिफिकेट और परमिट जारी नहीं किया जाएगा। परिवहन विभाग का कहना है कि इससे वाहनों की लाइव लोकेशन पर नजर रखना आसान होगा और आपात स्थितियों में त्वरित कार्रवाई की जा सकेगी।
परिवहन आयुक्त संजय कुमार सिंह ने बताया कि यह कदम राज्य भर में धीरे-धीरे लागू किया जाएगा। इस प्रणाली से पुलिस और परिवहन विभाग के कंट्रोल रूम को सीधे वाहनों की स्थिति की निगरानी करने में मदद मिलेगी। जीपीएस ट्रैकिंग डिवाइस के माध्यम से न केवल वाहन की लोकेशन ट्रैक की जा सकेगी, बल्कि ओवरस्पीडिंग, अनियमित मार्ग या लंबे समय तक रुकने जैसी गतिविधियों पर भी नजर रखी जा सकेगी।






