बेंगलुरु में इस्त्री कराने का बढ़ता खर्च: नोएडा से दोगुने हुए दाम, एलपीजी प्रेस को बताया मुख्य कारण

मुख्य बातें
- •बेंगलुरु में कपड़े इस्त्री कराने की कीमत नोएडा से दोगुनी से अधिक है, जहां एक कपड़े के लिए 5 रुपये देने पड़ते थे, जबकि यहां 12-20 रुपये तक लिये जा रहे हैं।
- •सजीत पाई नामक व्यक्ति ने सोशल मीडिया पर इस मुद्दे को उठाया, जिसके बाद कई लोगों ने अपने अनुभव साझा किए।
- •एलपीजी आधारित इस्त्री प्रेस और महंगाई को बढ़ती दरों का मुख्य कारण बताया जा रहा है।
- •शहर के विभिन्न इलाकों में इस्त्री कराने के दाम अलग-अलग हैं, जो मांग और आर्थिक स्थिति पर निर्भर करते हैं।
बेंगलुरु, जिसे देश का सबसे आधुनिक और तकनीकी रूप से उन्नत शहर माना जाता है, अपने आईटी हब, बेहतर करियर के अवसरों और जीवनशैली के लिए जाना जाता है। लेकिन इस चमक-दमक के पीछे एक कड़वी सच्चाई भी है—यह शहर बेहद महंगा है। यहां केवल किराया, रोजमर्रा के सामान या शिक्षा ही नहीं, बल्कि छोटी-छोटी घरेलू सेवाओं की कीमतें भी लोगों को चौंका रही हैं। हाल ही में एक सोशल मीडिया पोस्ट ने इस पर चर्चा को और हवा दे दी है। एक व्यक्ति ने बताया है कि बेंगलुरु में कपड़े इस्त्री कराने का खर्च नोएडा जैसे शहरों की तुलना में दोगुना से भी अधिक हो गया है।
यह मामला सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर सामने आया है। सजीत पाई नामक एक व्यक्ति ने अपनी पोस्ट में लिखा कि उन्हें बेंगलुरु आने के बाद कपड़े इस्त्री कराने के लिए काफी ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ रहे हैं। उन्होंने बताया कि नोएडा में उन्हें एक कपड़े की इस्त्री के लिए केवल 5 रुपये देने पड़ते थे। लेकिन बेंगलुरु में यह दर कई जगहों पर 12 रुपये से लेकर 20 रुपये तक पहुंच गई है। खासकर इंदिरानगर जैसे इलाकों में यह दर और भी ज्यादा है। सजीत पाई ने लिखा, “मुझे पहले से पता था कि बेंगलुरु महंगा शहर है, लेकिन कपड़े इस्त्री कराने में इतना अंतर होगा, इसकी उम्मीद नहीं थी।” उन्होंने यह भी बताया कि एलपीजी से चलने वाली इस्त्री प्रेस के कारण खर्च बढ़ने की आशंका जताई है, क्योंकि नोएडा और उत्तर भारत के कई हिस्सों में अभी भी कोयले वाली प्रेस का उपयोग किया जाता है, जो सस्ती पड़ती है।






