भारत-म्यांमार वार्ता: द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने पर सहमति, जानिए प्रमुख समझौते

मुख्य बातें
- •भारत और म्यांमार ने द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने तथा व्यापार, निवेश, संपर्क, विकास साझेदारी, क्षमता निर्माण, सुरक्षा और सीमा प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की।
- •प्रधानमंत्री मोदी ने म्यांमार के छात्रों के लिए ‘मेकांग गंगा ICCR छात्रवृत्तियां’ 2026 से बढ़ाकर 100 करने की घोषणा की, जो पहले 36 हुआ करती थीं।
- •दोनों देशों ने ‘रुपया-क्यात निपटान तंत्र’ के माध्यम से द्विपक्षीय व्यापार को सरल बनाने और बढ़ाने पर सहमति जताई।
- •म्यांमार के राष्ट्रपति ने भारत की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के प्रति समर्थन की पुष्टि की तथा आश्वासन दिया कि उनकी भूमि का उपयोग भारत के सुरक्षा हितों के प्रतिकूल नहीं होने दिया जाएगा।
नई दिल्ली स्थित हैदराबाद हाउस में सोमवार को आयोजित एक महत्वपूर्ण द्विपक्षीय वार्ता में भारत और म्यांमार ने अपने संबंधों को और गहरा करने तथा व्यापार, निवेश, संपर्क, विकास साझेदारी, क्षमता निर्माण, सुरक्षा और सीमा प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की। इस बैठक में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग ने भाग लिया। दोनों नेताओं ने शांति और संवाद की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में भारत की भूमिका को रेखांकित किया तथा संघीय शासन व्यवस्था और आर्थिक विकास के अनुभवों को साझा करने पर बल दिया।






