सीबीएसई के री-वैल्यूएशन पोर्टल में तकनीकी खराबी, 12वीं के छात्रों की चिंता बढ़ी

मुख्य बातें
- •सीबीएसई ने 12वीं कक्षा के पुनर्मूल्यांकन के लिए 1 जून से आवेदन पोर्टल शुरू करने की घोषणा की थी, लेकिन तकनीकी खराबी के कारण पोर्टल मेंटेनेंस मोड में दिखाई दे रहा है।
- •मई से शुरू हुए स्कैन प्रतियों के आवेदन पोर्टल में भी कई बार तकनीकी समस्याएं आईं, जिससे छात्रों को आवेदन और भुगतान में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।
- •कुल 4,04,319 छात्रों ने उत्तर पुस्तिकाओं की प्रतियों के लिए आवेदन किया, जिनमें से 8,98,214 प्रतियां डिजिटल रूप से उपलब्ध कराई गईं।
- •केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने 29 जून से पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया शुरू करने की घोषणा की थी, लेकिन तकनीकी खराबियों के कारण प्रक्रिया में देरी हो रही है।
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की ओर से 12वीं कक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं के पुनर्मूल्यांकन (री-वैल्यूएशन) प्रक्रिया के लिए शुरू किए गए ऑनलाइन आवेदन पोर्टल में तकनीकी खराबी आ गई है। बोर्ड ने 1 जून से इस पोर्टल को सक्रिय करने की घोषणा की थी, लेकिन दोपहर बीत जाने के बाद भी पोर्टल मेंटेनेंस मोड में ही दिखाई दे रहा है। इससे हजारों छात्रों और उनके माता-पिता की चिंता बढ़ गई है, क्योंकि उन्हें उम्मीद थी कि वे समय पर पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन कर सकेंगे।
इससे पहले, सीबीएसई द्वारा 12वीं कक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैन की गई प्रतियों को प्राप्त करने के लिए शुरू की गई प्रक्रिया भी कई तकनीकी और व्यवस्थागत समस्याओं का सामना कर चुकी है। बोर्ड ने 19 मई से स्कैन प्रतियों के लिए आवेदन पोर्टल शुरू किया था, जिसकी अंतिम तिथि 22 मई रखी गई थी। हालांकि पहले दिन ही पोर्टल पूरे दिन के लिए बंद रहा। इसके बाद बोर्ड ने अंतिम तिथि 23 मई तक बढ़ा दी, लेकिन दूसरे दिन सुबह पोर्टल फिर से बंद हो गया और केवल दोपहर 2 बजे के बाद ही आवेदन प्रक्रिया शुरू हो सकी। कई छात्रों को भुगतान संबंधी समस्याओं का भी सामना करना पड़ा।






