सीबीएसई विवाद: शिक्षा मंत्रालय ने कोएम्प्ट को टेंडर देने पर सीबीएसई से मांगी रिपोर्ट, कार्रवाई की संभावना

मुख्य बातें
- •शिक्षा मंत्रालय ने सीबीएसई से कोएम्प्ट को टेंडर देने की प्रक्रिया की जांच रिपोर्ट 15 दिनों के भीतर प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।
- •विवाद की शुरुआत तब हुई जब सीबीएसई द्वारा कोएम्प्ट को विभिन्न परीक्षा केंद्रों के रखरखाव के लिए टेंडर दिया गया, जिसमें पारदर्शिता को लेकर सवाल उठे।
- •सीबीएसई के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि बोर्ड पूरी प्रक्रिया की जांच कर रहा है और मंत्रालय को जल्द ही रिपोर्ट सौंप दी जाएगी।
- •शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषी पाए जाने पर उचित कार्रवाई की जाएगी।
नई दिल्ली: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) द्वारा कोएम्प्ट (COEMPT) नामक संगठन को दिए गए टेंडर को लेकर उठे विवाद के बाद शिक्षा मंत्रालय ने सख्त रुख अपनाया है। सूत्रों के अनुसार, मंत्रालय ने सीबीएसई से टेंडर प्रक्रिया की पूरी जांच कर उसकी रिपोर्ट 15 दिनों के भीतर प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। इस रिपोर्ट के आधार पर दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।
विवाद की शुरुआत तब हुई जब पता चला कि सीबीएसई ने कोएम्प्ट नामक संगठन को विभिन्न परीक्षा केंद्रों की स्थापना और रखरखाव के लिए टेंडर दिया था। इस प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता को लेकर सवाल उठे हैं। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि टेंडर प्रक्रिया में नियमों का उल्लंघन हुआ हो सकता है। इसके बाद शिक्षा मंत्रालय ने सक्रिय भूमिका निभाते हुए सीबीएसई से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।




