यूपी रोडवेज कर्मचारियों पर 3 हजार रुपये मासिक रिश्वत का दबाव, न देने पर नौकरी जाने का खतरा
मुख्य बातें
- •यूपी रोडवेज के कर्मचारियों से हर महीने 3 हजार रुपये रिश्वत के रूप में वसूले जाने की शिकायत।
- •न देने पर नौकरी जाने और एसीआर खराब करने की धमकी दी जा रही है।
- •यह मामला पूर्वी उत्तर प्रदेश के एक जिले से सामने आया है।
- •कर्मचारियों ने मांग की है कि मामले की सीबीआई से जांच कराई जाए।
उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (यूपी रोडवेज) में कर्मचारियों पर आरोप लगाया गया है कि उन्हें हर महीने 3 हजार रुपये की रिश्वत देने के लिए बाध्य किया जा रहा है। ऐसा न करने पर उनके खिलाफ सस्पेंशन और वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट (एसीआर) को खराब करने की धमकी दी जा रही है। यह खुलासा एक मीडिया रिपोर्ट में किया गया है, जिसमें बताया गया है कि यह राशि आरएम (रूट मैनेजर) और अन्य उच्च अधिकारियों द्वारा वसूली जा रही है।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, यह मामला पूर्वी उत्तर प्रदेश के एक जिले से सामने आया है, जहां एक कर्मचारी ने आरोप लगाया है कि उसे हर महीने 3 हजार रुपये देने के लिए कहा गया। कर्मचारी ने बताया कि अगर वह यह राशि देने में असफल रहता है, तो उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी और उसकी एसीआर को खराब किया जाएगा, जिससे उसके प्रमोशन और नौकरी पर खतरा उत्पन्न हो सकता है।
यूपी रोडवेज में इस प्रकार की रिश्वतखोरी की घटनाओं पर कई बार सवाल उठ चुके हैं। पिछले वर्षों में भी ऐसी कई शिकायतें सामने आई हैं, जिनमें कर्मचारियों ने अपने वरिष्ठ अधिकारियों पर रिश्वत लेने और देने के दबाव का आरोप लगाया था। हालांकि, निगम ने अब तक इस मामले में कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है।




