सेबी ने पांच वैकल्पिक निवेश कोषों (एआईएफ) का पंजीकरण रद्द, तिमाही रिपोर्ट न देने पर कड़ी कार्रवाई

मुख्य बातें
- •सेबी ने पांच वैकल्पिक निवेश कोषों (एआईएफ) का पंजीकरण रद्द किया, जिनमें एक्सपोनेंशियल इनोवेशन फंड, फ्लोरिनट्री इंडिया फ्लेक्सी एडवांटेज ट्रस्ट, प्राइम रियल्टी कैपिटल, रुद्राभिषेक इंफ्रास्ट्रक्चर ट्रस्ट और विक्ट्री इन्वेस्टमेंट फंड शामिल हैं।
- •इन फंडों ने मार्च, जून, सितंबर और दिसंबर 2025 की तिमाही रिपोर्टें समय पर जमा नहीं कीं, जिससे सेबी के नियमों का उल्लंघन हुआ।
- •सेबी ने अप्रैल 2026 में कारण बताओ नोटिस जारी किया था, जिसके बाद इन फंडों के खिलाफ कार्रवाई की गई।
- •सेबी का यह फैसला पूंजी बाजार में पारदर्शिता और अनुशासन बनाए रखने के उद्देश्य से लिया गया है।
भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने वैकल्पिक निवेश कोषों (एआईएफ) के नियमों का उल्लंघन करने पर पांच फंडों का पंजीकरण तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया है। यह निर्णय उन फंडों द्वारा तिमाही रिपोर्ट जमा करने में बार-बार लापरवाही बरतने के बाद लिया गया है। सेबी के अनुसार, इन फंडों ने मार्च, जून, सितंबर और दिसंबर 2025 को समाप्त होने वाली तिमाहियों के लिए अनिवार्य तिमाही गतिविधि रिपोर्ट (क्वार्टर एक्टीविटी रिपोर्ट) दाखिल नहीं की। नियमों के अनुसार, सभी पंजीकृत एआईएफ को प्रत्येक तिमाही की समाप्ति के 15 दिनों के भीतर सेबी के इंटरमीडियरी पोर्टल के माध्यम से यह रिपोर्ट जमा करना अनिवार्य है। सेबी ने इन फंडों को कई बार चेतावनी देने के बाद भी कोई सुधार न होने के कारण कड़ी कार्रवाई करते हुए उनका पंजीकरण रद्द कर दिया।






