थाई दुल्हन कांतावी और विनय नारंग की राजस्थानी शाही शादी, सात फेरों में दिखा भारतीय संस्कृति का रंग
मुख्य बातें
- •थाई दुल्हन कांतावी और भारतीय दूल्हे विनय नारंग की राजस्थानी थीम पर आधारित शाही शादी।
- •कांतावी की एंट्री में थाई और राजस्थानी संस्कृतियों का अनोखा संगम।
- •सात फेरों के दौरान दोनों ने पारंपरिक रस्मों को पूरा किया और जीवन भर साथ निभाने का वचन दिया।
- •मेहमानों ने राजस्थानी संस्कृति और थाई परंपराओं के मिलन की जमकर तारीफ की।
- •शादी में शामिल लोगों ने पारंपरिक राजस्थानी व्यंजनों का लुत्फ उठाया।
राजस्थान की धरती पर एक अनोखी शाही शादी का आयोजन हुआ, जिसमें थाई दुल्हन कांतावी ने भारतीय दूल्हे विनय नारंग के साथ पारंपरिक सात फेरे लिए। यह विवाह राजस्थानी संस्कृति और थाई परंपराओं के मिलन का एक अद्भुत उदाहरण बना। शादी का आयोजन इतने धूमधाम से किया गया कि मेहमानों के बीच इसकी चर्चा हर जगह छा गयी।
कांतावी, जो मूल रूप से थाईलैंड की रहने वाली हैं, ने अपनी शादी में राजस्थानी परंपराओं को पूरी श्रद्धा से अपनाया। उनकी एंट्री बेहद खूबसूरत थी, जिसमें थाई और राजस्थानी दोनों संस्कृतियों का संगम दिखाई दिया। बारातियों ने पारंपरिक राजस्थानी पोशाक पहन रखी थी, जबकि कांतावी ने थाई शैली की सुंदर पोशाक पहनी थी, जिसे देखकर सभी मंत्रमुग्ध हो गए। शादी का मंडप भी राजस्थानी थीम पर आधारित था, जिसमें रंग-बिरंगे फूल, पारंपरिक लाइटिंग और स्थानीय कलाकृतियों का प्रदर्शन किया गया था।
विनय नारंग, जो एक भारतीय व्यवसायी हैं, ने कांतावी के साथ सात फेरों के दौरान सभी पारंपरिक रस्मों को पूरा किया। सात फेरों में उन्होंने अग्नि के चारों ओर एक साथ कदम रखे, जो हिन्दू विवाह का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। इस दौरान, दोनों ने एक-दूसरे को जीवन भर साथ निभाने का वचन दिया। शादी के दौरान कई राजस्थानी रीति-रिवाजों का भी पालन किया गया, जैसे कि दुल्हन की विदाई, गणगौर पूजा और विवाह के बाद की अन्य रस्में।






